रिपोर्ट: बिहार के 38.7 प्रतिशत शिक्षक पढ़ाने के योग्य नही हैं।

By

रिपोर्ट: बिहार के 38.7 प्रतिशत शिक्षक पढ़ाने के योग्य नही हैं।


एक तरफ जहां बिहार को अपने IAS और IIT के टॉपर्स पे नाज़ हैं, वही दूसरी तरफ समस्या ये हैं की बिहार के ज्यादातर शिक्षक पढ़ाने के योग्य नही हैं। सबसे ज्यादा अयोग्य शिक्षक बिहार में ही हैं। और ये सिर्फ बिहार के ही नही, पूरे देश की भविष्य के ऊपर एक बड़ा भयंकर सवाल खड़ा कर रहा हैं।


ये तो सबको ज्ञात है कि बिहार में अधिकतर लोग या तो सरकारी नौकरी के लिए पढ़ते है या सिर्फ डिग्री ला कर घर मे फ्रेम करने के लिए। और इसी चक्कर मे जो शिक्षक चुने के आटे है… उनका मकसद पढना या शिक्षा देना नही बल्कि सरकारी नौकरी पा के अपने खुद का भविष्य सुरक्षित करना होता हैं। एक बार सरकारी शिक्षक बन गए तो लाइफ सेट। इन शिक्षकों का दिन भर क्लास में ऊँघने के अलावा कोई काम नही होता। हाल ही में Centre for Budget and Governance Accountability (CBGA) and Child Rights and You (CRY) के द्वारा किये गए एक सर्वेंक्षण मे पाया गया कि बिहार के 38.7 प्रतिशत शिक्षकों की योग्यता शिक्षक बनने की नही हैं। रिपोर्ट में बिहार के बाद नाम आता हैं पश्चिम बंगाल का, जहाँ के 23.9 प्रतिशत शिक्षक अयोग्य हैं।

You Might Like These

Leave a Comment