एगो अइसन गाँव, जहां आरोपी के सजा में शराब के बोतल हर्जाना भड़े के पड़ेला।

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भारत में हर धर्म, जाति और समुदाय के लोग बा। हर केहु आपन आपन पूर्वज के बनावल नियम के पालन करेला। आज हमनी के बताएम जा एगो अइसन गाँव के बारे में जहाँ अपराध करे के सजा में अपराधी के सराब के बोतल हर्जाना के रुप में देबे के पड़ेला।


झारखंड के धनबाद जिला के चलकारी गांव में बिरहोर समुदाय के सदस्य आमतौर पर आपन समस्या लेके जिला प्रशासन चाहें अदालत के पास ना जाएले। आदिवासी समुदाय के लोग अपने पूर्वजों द्वारा बनावल नियम के अनुसार आपन समस्या समुदाय के सरपंच के पास लेके जाएला लोग। अपराध की प्रकृति के आधार पर अपराधी के सजा सुनावल जाला। सामुदायिक अदालत में दोषी ठहराये जाए के बाद बिरहोर आदिवासी समुदाय के सदस्य जुर्माना के तौर पर देशी शराब भेंट करे ले।
अगर केहू झगड़ा के दोषी बा त उनकरा दु बोतल हरिया के जुर्माना भरे के पड़ेला। चोरी के मामले में सजा पांच बोतल और गंभीर अपराध में 10 बोतल हरिया देवे के सजा बा।
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