जानिए क्यों हुए मुगलसराय का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय।

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मुगलसराय जंक्शन का नाम अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन होगा। सोमवार को राज्यपाल राम नाईक ने जंक्शन का नाम बदलने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। बता दें की यूपी सरकार ने पिछले साल जून में मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद सरकार ने इस प्रस्ताव को रेल मंत्रालय के पास भेजा था। दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) से हर रोज करीब 250 ट्रेनें गुजरती हैं। जानकारी के अनुसार ये एशिया का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड और एशिया की विशालतम कोयला मण्डी है।


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यूपी में योगी सरकार बनते ही मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलने की कवायद शुरू हो गई थी, योगी कैबिनेट ने ही मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखने का फैसला किया था। – गृह विभाग से अनापत्ति मिलने के बाद राज्यपाल राम नाईक ने सोमवार को नाम बदलने की अनुमति दे दी। जिसके बाद इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का शव मुगलसराय स्टेशन पर संदिग्ध हालत में पाया गया था। संघ परिवार से जुड़े संगठन दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर ही मुगलसराय स्टेशन का नाम चाहते थे।

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