लालू के बेटों के बीच मनमोटावो, जानिए क्या है वजह।

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लालू यादव के जेल जाने के बाद उनकी पारिवारिक और राजनीतिक जीमेवारी उनके दोनों बेटों के कंधे पे है। लेकिन सोचिए अगर वो दोनो खुद ही एक दूसरे से लडने लगेंगे तो फिर पार्टी का क्या होगा?
जी हां आप सही सुन रहे है। तेज प्रताप के शादी के बाद से तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच अनबन चल रही है। हालांकि शादी से पहले तेजप्रताप राजनीति में ज्यादा रुचि नहीं लेते थे, लेकिन अब उन्हें लगने लगा है कि पूरी पार्टी तेजस्वी के कब्जे में है और उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
लालू यादव के घर की लड़ाई तब सबके सामने आ गई जब तेजप्रताप ने ट्वीट किया, ”मैं अर्जुन को हस्तिनापुर सौंप कर द्वारका चला जाना चाहता हूं। लेकिन, फिर चुगली करने वालों को परेशानी होगी कि कहीं मैं किंगमेकर न कहलाऊं।”


इस ट्वीट के बाद शनिवार को जब मीडिया ने तेजप्रताप से बात की तो उन्होंने कहा कि पार्टी में मेरी बात कोई नहीं सुनता है। पार्टी के लोग मेरा फोन नहीं उठाते। वे कहते हैं कि वरिष्ठ नेताओं ने उनसे ऐसा करने को कहा है। छात्र राजद के लोग पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करते हैं। अपना पैसा लगाकर जनता की सेवा करते हैं, लेकिन उन्हें तवज्जो नहीं दी जाती।


उन्होंने बताया, “राजेंद्र प्रसाद नाम के एक नेता को पार्टी में सम्मान दिलाने के लिए मैंने राजद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पूर्वे से कहा, लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी। तेजस्वी से बात करने पर भी कोई फायदा नहीं हुआ। आखिरकार मैंने अपने पिता लालू प्रसाद और मां राबड़ी देवी से बात की, तब मेरी बात सुनी गई।”

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